अंतर्राष्ट्रीय – Crime News Nation https://crimenewsnation.com National News Portal Mon, 22 Jun 2026 07:56:58 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 फिलीपींस के एक स्कूल में फायरिंग, तीन छात्रों की मौत, कई घायल https://crimenewsnation.com/shooting-at-a-school-in-the-philippines-three-students-killed-several-injured/ Mon, 22 Jun 2026 07:56:58 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=72580

सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में हुई गोलीबारी

मनीला। फिलीपींस में एक स्कूल परिसर में हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सोमवार को टैकलोबान शहर स्थित एक हाई स्कूल में दो हमलावरों ने फायरिंग कर दी, जिसमें तीन छात्रों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। घटना के बाद स्कूल और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोलीबारी सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में हुई। हमले की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं तथा घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों और घायलों में अधिकांश छात्र शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक आरोपी उसी स्कूल का छात्र बताया जा रहा है, जहां यह घटना हुई। हालांकि, हमले के पीछे की मंशा और दोनों आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।

घटना के बाद स्कूल परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और छात्रों तथा अभिभावकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

पुलिस और जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि गोलीबारी के पीछे कोई व्यक्तिगत विवाद था या फिर इसके अन्य कारण थे। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मामले की गहन जांच जारी है।

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दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत https://crimenewsnation.com/7-8-magnitude-earthquake-in-southern-philippines-five-people-dead/ Mon, 08 Jun 2026 07:53:46 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=72206

तटीय इलाकों को खाली करने के निर्देश

फिलीपींस। दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में सोमवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप ने पूरे प्रशांत क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। रिक्टर पैमाने पर 7.8 तीव्रता दर्ज किए गए इस भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया, जापान और अन्य तटीय देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि कई इलाकों में संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आ रही हैं।

भूकंप के तेज झटके स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7:37 बजे महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक इसका केंद्र मिंडानाओ तट के पास जमीन के भीतर अपेक्षाकृत कम गहराई पर स्थित था, जिससे झटकों का प्रभाव व्यापक क्षेत्र में महसूस किया गया। कई लोगों ने घबराकर घरों और कार्यालयों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों का रुख किया।

तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

भूकंप के तुरंत बाद प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र और स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने समुद्र तट के नजदीक रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कुछ क्षेत्रों में एक मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे तटीय बस्तियों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।

फिलीपींस की ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान एजेंसी (PHIVOLCS) ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति का इंतजार किए बिना ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि समुद्री लहरों की गतिविधि अगले कई घंटों तक जारी रह सकती है।

इंडोनेशिया में भी अलर्ट

भूकंप के असर को देखते हुए इंडोनेशिया ने भी अपने कई तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की है। मौसम एवं भूभौतिकी एजेंसी के अनुसार बोर्नियो, कालीमंतन और सुलावेसी के कुछ हिस्सों में तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन को एहतियातन तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इमारतों को नुकसान, लोगों में भय

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिलीपींस के जनरल सैंटोस शहर में एक इमारत का हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। इसके अलावा कई स्थानों पर भवनों में दरारें आने और कुछ मकानों के ढहने की खबरें भी मिली हैं। हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी जारी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक्स का खतरा भी बना रहता है, इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। वहीं जापान, ताइवान, गुआम, पापुआ न्यू गिनी और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के अन्य द्वीपीय देशों में भी छोटी सुनामी लहरों की संभावना को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है।

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अमेरिका-चीन रिश्तों में नई पहल- 9 साल बाद चीन जाएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति https://crimenewsnation.com/a-new-initiative-in-us-china-relations-us-president-to-visit-china-after-9-years/ Mon, 11 May 2026 09:45:45 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=71456

वाशिंगटन। करीब नौ साल बाद कोई अमेरिकी राष्ट्रपति चीन दौरे पर जा रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 13 से 15 मई तक चीन के दौरे पर रहेंगे। यह दौरा राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर हो रहा है। ऐसे समय में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की यह मुलाकात बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब पश्चिम एशिया में तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता संकट और वैश्विक व्यापार को लेकर दुनिया की चिंता लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा ताइवान, व्यापारिक टैरिफ और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों पर अमेरिका और चीन के रिश्तों में तल्खी भी बनी हुई है।

ट्रंप के दौरे का पूरा कार्यक्रम
व्हाइट हाउस की प्रिंसिपल डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी अन्ना केली के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप बुधवार शाम बीजिंग पहुंचेंगे। गुरुवार को उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक होगी। इस दौरान ट्रंप बीजिंग स्थित ऐतिहासिक टेंपल ऑफ हेवन का भी दौरा करेंगे और शाम को राजकीय भोज में शामिल होंगे। शुक्रवार को दोनों नेताओं के बीच फिर बैठक होगी, जिसमें चाय पर अनौपचारिक चर्चा और वर्किंग लंच का कार्यक्रम तय है। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा भी संभव है।

व्यापारिक रिश्तों पर रहेगी नजर
ट्रंप की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार समझौते को लेकर नई उम्मीदें पैदा हुई हैं। चीन और अमेरिका ने घोषणा की कि चीन के उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग 12 और 13 मई को दक्षिण कोरिया में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के साथ अहम व्यापार वार्ता करेंगे। माना जा रहा है कि यह बातचीत ट्रंप की चीन यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

आर्थिक मुद्दों पर होगा फोकस
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के बुसान में होने वाली यह वार्ता हालिया फोन बातचीत और दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी सहमति को आगे बढ़ाने का प्रयास होगी। चर्चा का मुख्य केंद्र व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दे रहेंगे।

ताइवान पर टकराव की संभावना
ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत में ताइवान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठ सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि ताइवान को लेकर अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच इस विषय पर लगातार चर्चा होती रही है, लेकिन अमेरिका अपने पुराने रुख पर कायम है।

हथियार बिक्री को लेकर भी चर्चा
अमेरिकी अधिकारियों ने ताइवान को हथियार आपूर्ति के मुद्दे का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि ट्रंप प्रशासन ने अपने पहले कार्यकाल के शुरुआती वर्षों में ताइवान को बड़ी मात्रा में हथियार बिक्री को मंजूरी दी थी। इससे संकेत मिलता है कि चीन के विरोध के बावजूद अमेरिका ताइवान के समर्थन को लेकर अपनी नीति में नरमी के मूड में नहीं है।

 

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होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को निकालने के लिए अमेरिका चलाएगा ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’- ट्रंप https://crimenewsnation.com/us-to-launch-project-freedom-to-rescue-ships-stranded-in-strait-of-hormuz-trump/ Mon, 04 May 2026 06:54:49 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=71264

वैश्विक व्यापार को राहत देने के लिए अमेरिका की नई पहल, कई देशों ने मांगी मदद

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे वाणिज्यिक जहाजों को निकालने के लिए नई पहल का ऐलान किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को मानवीय मिशन बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य वैश्विक व्यापार को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखना है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी देते हुए बताया कि कई देशों ने अमेरिका से अनुरोध किया है कि उनके जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित बाहर निकाला जाए। उन्होंने कहा कि ये देश पश्चिम एशिया के मौजूदा विवाद में शामिल नहीं हैं, लेकिन हालात के चलते उनके जहाज फंस गए हैं।

ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि अमेरिका इन जहाजों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराएगा, ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपने व्यापारिक कार्य जारी रख सकें। उन्होंने इसे मानवीय और वैश्विक व्यापार के हित में उठाया गया जरूरी कदम बताया।

‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत यह अभियान सोमवार (पश्चिम एशियाई समय) से शुरू किया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, इस मुद्दे पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत भी जारी है, ताकि प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।

राष्ट्रपति ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर ऐसे हस्तक्षेप से सख्ती से निपटा जाएगा। यह पहल उन देशों, कंपनियों और लोगों के लिए है, जो मौजूदा हालात के कारण प्रभावित हुए हैं और जिनका किसी भी विवाद से सीधा संबंध नहीं है।

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ईरान का नया दांव: अमेरिका से वार्ता के लिए तीन-चरणीय फॉर्मूला पेश https://crimenewsnation.com/irans-new-move-three-step-formula-for-talks-with-the-us-presented/ Mon, 27 Apr 2026 06:57:26 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=71075

युद्धविराम से परमाणु मुद्दे तक, ईरान ने बातचीत की रखी शर्तें

तेहरान। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को दोबारा पटरी पर लाने के लिए एक नया कूटनीतिक प्रस्ताव सामने रखा है। तीन चरणों में तैयार इस फॉर्मूले को लेकर संकेत दिए गए हैं कि तेहरान अब सीधे किसी समझौते से पहले भरोसा बहाली और सुरक्षा गारंटी को प्राथमिकता देना चाहता है। इससे क्षेत्रीय हालात पर भी नजरें टिक गई हैं।

तीन चरणों में बातचीत का खाका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक अपना प्रस्ताव पहुंचाया है। इसमें साफ कहा गया है कि किसी भी नई वार्ता की शुरुआत पहले चरण से होगी, जिसमें पूर्ण युद्धविराम और भविष्य में ईरान व लेबनान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई न करने की गारंटी शामिल है।

दूसरे चरण में दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक रूप से अहम समुद्री मार्ग के संचालन और सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस मुद्दे को प्राथमिकता दी गई है।

तीसरे और अंतिम चरण में ही ईरान परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए तैयार होगा। यह वही मुद्दा है, जिस पर लंबे समय से अमेरिका और उसके सहयोगी देश कड़ा रुख अपनाए हुए हैं।

अमेरिका का सतर्क रुख
व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा प्रतिक्रिया देने से परहेज किया है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों पर बातचीत मीडिया के बजाय कूटनीतिक चैनलों के जरिए ही की जाएगी। साथ ही, अमेरिका ने दोहराया है कि वह किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा।

राजनयिक गतिविधियां तेज, मतभेद बरकरार
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की लगातार विदेश यात्राएं जारी हैं। पाकिस्तान और ओमान के बाद अब उनका रूस दौरा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां क्षेत्रीय तनाव और संभावित संघर्ष-विराम पर चर्चा हो सकती है।

हालांकि, दोनों देशों के बीच अब भी कई अहम मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। हाल ही में हुई बातचीत के दौर भी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं। ऐसे में, ईरान का यह नया प्रस्ताव कूटनीतिक गतिरोध को तोड़ने की कोशिश जरूर है, लेकिन इससे समाधान कितनी जल्दी निकलेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

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यदि होर्मुज को बंद करने की कोशिश की गई, तो ईरान अमेरिकी जहाजों को बनाएगा निशाना- रेजाई https://crimenewsnation.com/if-an-attempt-is-made-to-close-the-strait-of-hormuz-iran-will-target-us-vessels-rezaei/ Thu, 16 Apr 2026 06:54:15 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=70787

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, बंदरगाहों की नाकेबंदी से बढ़ा संकट

तेहरान। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ा है, वहीं ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका को सीधी चेतावनी दे दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने अरब सागर और ओमान की खाड़ी में ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है। अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं, जिससे किसी भी देश के जहाजों का ईरानी बंदरगाहों तक आना-जाना लगभग ठप हो गया है। इस कार्रवाई को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

इस घटनाक्रम पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेजाई ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश की गई, तो ईरान अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाएगा। उन्होंने दावा किया कि ईरानी मिसाइलें अमेरिकी नौसेना के जहाजों को आसानी से तबाह कर सकती हैं।

रेजाई ने अमेरिका की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अमेरिका खुद को इस क्षेत्र का “पुलिस” बनाना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अमेरिका जमीनी हमला करता है, तो ईरान इसका जवाब और अधिक आक्रामक तरीके से देगा। उन्होंने यहां तक दावा किया कि ईरान अमेरिकी सैनिकों को बंदी बनाकर बदले में भारी कीमत वसूल सकता है।

इस बीच, बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात वैश्विक शांति और मानवता के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं।

वहीं, पोप लियो ने भी शांति की अपील करते हुए कहा कि दुनिया को अब युद्ध और हिंसा से दूर हटकर प्रेम, संवाद और न्याय का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघर्ष से होने वाला विनाश और मानवीय पीड़ा अब और स्वीकार्य नहीं है।

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ईरान ने कुवैत के पावर प्लांट को बनाया निशाना, हमले में भारतीय नागरिक की मौत https://crimenewsnation.com/iran-targets-kuwaiti-power-plant-indian-citizen-killed-in-attack/ Mon, 30 Mar 2026 06:13:52 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=70296

कुवैत सिटी।  ध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां ईरान की ओर से हुए एक हमले में भारतीय नागरिक की जान चली गई। इस घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को लेकर चिंता बढ़ा दी है, वहीं कुवैत सरकार ने हालात को नियंत्रण में रखने के लिए तत्काल कदम उठाए हैं।

कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, एक महत्वपूर्ण पावर और पानी के डीसैलिनेशन प्लांट की सर्विस बिल्डिंग को निशाना बनाकर हमला किया गया। इस हमले में वहां कार्यरत एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि प्लांट के ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है।

घटना के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और तकनीकी व इमरजेंसी टीमों को मौके पर तैनात किया गया। अधिकारियों का कहना है कि जरूरी सेवाओं को बहाल रखने और हालात सामान्य बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित नहीं होने दी जाएगी और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है, साथ ही भरोसा दिलाया है कि हर स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

इस बीच, लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के एक ठिकाने पर प्रोजेक्टाइल गिरने से एक शांति सैनिक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे गंभीर घटना बताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की है।

वहीं, इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में कुछ सशस्त्र लड़ाकों को मार गिराया है, जो हमले की तैयारी में थे। सेना के मुताबिक, मौके से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं। इन घटनाओं के चलते पूरे क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।

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नेपाल की राजनीति में नया दौर, युवा नेता बालेंद्र शाह ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ https://crimenewsnation.com/a-new-era-in-nepali-politics-young-leader-balendra-shah-takes-oath-as-prime-minister/ Fri, 27 Mar 2026 08:17:35 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=70238

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने बालेंद्र शाह को आधिकारिक रूप से किया प्रधानमंत्री नियुक्त

काठमांडू। नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता बालेंद्र शाह ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें आधिकारिक रूप से प्रधानमंत्री नियुक्त किया, जिसके बाद उन्होंने शपथ लेकर कार्यभार ग्रहण किया। इसके साथ ही शाह नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं।

राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित एक औपचारिक समारोह में बालेंद्र शाह ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह समारोह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ, जिसमें शंखनाद के साथ शुभारंभ किया गया। हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में उनकी पार्टी को बड़ी सफलता मिली थी, जिसके बाद उन्हें संसदीय दल का नेता चुना गया और प्रधानमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

नई सरकार के गठन को लेकर भी तैयारियां तेज हैं। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को जगह दी जा सकती है, जिसमें सुदन गुरुंग को गृह मंत्री बनाए जाने की चर्चा है।

बालेंद्र शाह का राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने काठमांडू के मेयर के रूप में अपनी पहचान बनाई और फिर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखते हुए बड़ी जीत हासिल की। हालिया चुनाव में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भारी मतों से हराकर अपनी लोकप्रियता साबित की।

इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आने वाले शाह को शहरी विकास और बुनियादी ढांचे की अच्छी समझ मानी जाती है। ऐसे में उनके नेतृत्व में नेपाल में विकास और प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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ईरान का बड़ा कदम, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से वसूलेगा 20 लाख डॉलर https://crimenewsnation.com/iran-takes-major-step-to-collect-2-million-from-ships-passing-through-strait-of-hormuz/ Mon, 23 Mar 2026 07:35:10 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=70107

अलाएद्दीन बोरोजेर्दी बोले—“युद्ध की एक कीमत होती है”

तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बड़ा कदम उठाते हुए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारी शुल्क लगाने का फैसला किया है। इस निर्णय से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में नई हलचल तेज होने की आशंका है।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर करीब 20 लाख डॉलर (लगभग 18 करोड़ रुपये) का शुल्क लगाने की घोषणा की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति से जुड़े अलाएद्दीन बोरोजेर्दी ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए इसे देश की संप्रभुता और रणनीतिक ताकत का प्रतीक बताया है।

बोरोजेर्दी ने कहा कि मौजूदा हालात में इस तरह का कदम उठाना जरूरी है और “युद्ध की एक कीमत होती है”, इसलिए जहाजों से शुल्क वसूला जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए होर्मुज मार्ग को पूरी तरह खोलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, ईरान की ओर से पहले यह कहा गया था कि यह रास्ता उसके विरोधियों को छोड़कर अन्य देशों के लिए खुला है, लेकिन अब शुल्क लगाने के फैसले ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की पाबंदी या अतिरिक्त शुल्क का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है और वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।

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दुबई में तेज धमाकों से मचा हड़कंप, आसमान में उठा काले धुएं का गुबार https://crimenewsnation.com/following-strict-directives-from-cm-dhami-all-six-police-personnel-at-the-iqbalpur-police-outpost-have-been-suspended-2/ Fri, 13 Mar 2026 11:12:47 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=69839

संभावित हमले को सुरक्षा बलों ने किया नाकाम, कोई हताहत नहीं

दुबई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुबई में शुक्रवार को तेज धमाकों की आवाज से हड़कंप मच गया। शहर के मध्य क्षेत्र में हुए इन धमाकों के बाद आसमान में काले धुएं का गुबार देखा गया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुबई के केंद्रीय इलाके में शुक्रवार को अचानक दो तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास की कई इमारतों में कंपन महसूस किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाकों के बाद आसमान में काले धुएं का घना गुबार उठता दिखाई दिया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।

घटना के संबंध में दुबई मीडिया ऑफिस ने जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने संभावित हमले को समय रहते विफल कर दिया। कार्रवाई के दौरान हमले से जुड़ा कुछ मलबा पास की एक इमारत के बाहरी हिस्से पर गिर गया, जिससे भवन को आंशिक नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या घायल होने की खबर नहीं है।

धमाकों के तुरंत बाद शहर की प्रमुख सड़क शेख जायद रोड पर पुलिस और आपातकालीन वाहनों के सायरन सुनाई देने लगे। सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन आसपास के क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। यह घटना दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर के नजदीक बताई जा रही है।

गौरतलब है कि दुबई में लगातार दूसरे दिन इस तरह की घटना सामने आई है। इससे पहले गुरुवार को भी शहर के अल बदा इलाके में ड्रोन से जुड़ी एक संदिग्ध गतिविधि की खबर सामने आई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया था।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और शहर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।

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