राष्ट्रीय – Crime News Nation https://crimenewsnation.com National News Portal Sat, 20 Jun 2026 07:16:54 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 बढ़ती महंगाई के कारण बढ़ रही लोगों की परेशानियां- मल्लिकार्जुन खरगे https://crimenewsnation.com/rising-inflation-is-increasing-peoples-hardships-mallikarjun-kharge/ Sat, 20 Jun 2026 07:16:54 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=72547

महंगाई को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, कहा- घट रही है लोगों की बचत

नई दिल्ली। देश में बढ़ती महंगाई और आम लोगों की आर्थिक स्थिति को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि महंगाई लगातार बढ़ने से लोगों की बचत घट रही है और परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि आम जनता रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि महंगाई की वजह से आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है और युवाओं में भी भविष्य को लेकर निराशा बढ़ रही है।

खरगे ने कहा कि खुदरा महंगाई दर पिछले कई महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गई है, जबकि खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। उन्होंने चिकित्सा सेवाओं की बढ़ती लागत, रुपये की कमजोरी और रोजगार के सीमित अवसरों को भी चिंता का विषय बताया। कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि इन परिस्थितियों का सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहा है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की आर्थिक समस्याओं के समाधान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। पार्टी का कहना है कि बढ़ती महंगाई और घटती क्रय शक्ति के कारण आम लोगों के लिए बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी चुनौती बनता जा रहा है।

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NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला https://crimenewsnation.com/centres-major-decision-temporary-ban-on-telegram-ahead-of-neet-ug-2026-re-examination/ Tue, 16 Jun 2026 06:52:57 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=72423

22 जून तक टेलीग्राम सेवाएं रहेंगी बंद

नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने निर्देश जारी करते हुए देश में टेलीग्राम की सेवाओं को 22 जून 2026 तक सीमित करने को कहा है। इस फैसले का राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने स्वागत करते हुए इसे परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

परीक्षा सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला

एनटीए के अनुसार, हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए प्रश्नपत्र लीक होने की अफवाहें, फर्जी दस्तावेज और भ्रामक सूचनाएं फैलाने के मामले सामने आए थे। एजेंसी का मानना है कि टेलीग्राम पर अस्थायी रोक से ऐसे तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और अभ्यर्थियों तक गलत जानकारी पहुंचने से रोका जा सकेगा।

एनटीए ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से ही प्राप्त करें तथा किसी भी अपुष्ट संदेश या अफवाह पर विश्वास न करें।

संदेश संपादन (Edit) सुविधा भी रहेगी बंद

सरकार द्वारा जारी एक अन्य आदेश के तहत टेलीग्राम को भारत में पहले से भेजे गए संदेशों को संपादित करने की सुविधा 30 जून 2026 तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कुछ मामलों में इस फीचर का दुरुपयोग कर परीक्षा समाप्त होने के बाद नकली ‘पेपर लीक’ के सबूत तैयार किए जाते थे, जिससे अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा होती थी।

आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई

सरकारी आदेश के मुताबिक यह कदम सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और उन संगठित गिरोहों पर कार्रवाई करना है जो परीक्षा से जुड़े फर्जी दावों और भ्रामक सूचनाओं के जरिए छात्रों को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। सरकार और एनटीए का मानना है कि इन उपायों से 21 जून को होने वाली NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

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फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक https://crimenewsnation.com/major-relief-for-khan-sir-in-firing-case-patna-civil-court-stays-arrest/ Tue, 09 Jun 2026 06:33:35 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=72235

पुलिस से मांगी केस डायरी

पटना। खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक और चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अगले आदेश तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने पुलिस को मामले की केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और कहा है कि अगली सुनवाई तक खान सर के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई न की जाए।

जानकारी के अनुसार, खान सर की ओर से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी। उनके अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी में खान सर का नाम दुर्भावनावश शामिल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि मामले में खान सर की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है और उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की गई है।

यह मामला 2 जून को पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में खान ग्लोबल स्टडीज के पास हुई कथित गोलीबारी से जुड़ा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने खान सर और उनके दो सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की थी।

वहीं, इसी मामले में गिरफ्तार खान सर के सुरक्षाकर्मी दीपक कुमार और तालेबर सिंह की नियमित जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। अदालत ने पुलिस से मामले से जुड़े साक्ष्य और जख्म प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा है। दोनों सुरक्षाकर्मी फिलहाल न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल में बंद हैं।

दूसरी ओर, ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद की जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। मामले में अगली सुनवाई 10 जून को निर्धारित की गई है।

कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद और फायरिंग प्रकरण को लेकर पटना में लगातार चर्चाएं जारी हैं। इस बीच कोर्ट के अंतरिम आदेश से खान सर को फिलहाल राहत मिल गई है, जबकि मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।

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मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, 21 लोगों की मौत, कई घायल https://crimenewsnation.com/massive-fire-breaks-out-at-malviya-nagar-restaurant-21-dead-several-injured/ Wed, 03 Jun 2026 11:22:31 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=72093

आग में झुलसी बहुमंजिला इमारत, कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की

नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में बुधवार सुबह एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। आग की चपेट में आने से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, आग हौज रानी स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी, जो एक बहुमंजिला इमारत के निचले हिस्से में संचालित किया जा रहा था। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनियों की ओर दौड़े, जबकि कुछ ने ऊपरी मंजिलों से नीचे कूदकर अपनी जान बचाने की कोशिश की।

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दमकल विभाग की करीब 10 गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बचाव अभियान के दौरान बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही मिनटों में धुएं और लपटों ने पूरे भवन को घेर लिया था। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया। आसपास के व्यापारियों और निवासियों ने फंसे लोगों को बाहर निकालने के प्रयास किए। एक स्थानीय दुकानदार ने सड़क पर गद्दे बिछाकर ऊपरी मंजिलों से कूदने वाले लोगों की जान बचाने में मदद की।

प्रशासन के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में आग बेसमेंट या रेस्टोरेंट क्षेत्र से शुरू होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

घटना के बाद प्रशासन ने इमारत की फायर सेफ्टी व्यवस्था और आवश्यक अनुमति पत्रों की भी जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि भवन और रेस्टोरेंट के पास फायर एनओसी सहित सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, भाजपा सांसद मनोज तिवारी तथा अन्य नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना को दुखद बताते हुए सभी एजेंसियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं विपक्षी नेताओं ने घटना की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, जबकि पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के कारणों और संभावित जिम्मेदारियों का खुलासा हो सकेगा।

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पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी, 10 दिनों में चौथी बार बढ़े रेट https://crimenewsnation.com/petrol-and-diesel-prices-rise-again-rates-hiked-for-the-fourth-time-in-10-days/ Mon, 25 May 2026 05:22:19 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=71818

ईंधन महंगा होने से बढ़ी आम जनता की चिंता

नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि दर्ज की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करते हुए दोनों ईंधनों के दाम बढ़ा दिए हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में लगातार इजाफा आने वाले समय में महंगाई को भी प्रभावित कर सकता है।

अंतरराष्ट्रीय कारणों से बढ़ रहा दबाव

जानकारों के अनुसार वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, रुपये की कमजोरी और आयात लागत में वृद्धि का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है। लंबे समय तक दरों में स्थिरता बनाए रखने के बाद तेल कंपनियां अब बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए चरणबद्ध तरीके से कीमतों में संशोधन कर रही हैं। इसी कारण हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम लगातार बढ़े हैं।

प्रमुख महानगरों में पेट्रोल के नए रेट

नई दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है। कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में भी पेट्रोल के दाम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महानगरों में रहने वाले वाहन मालिकों को अब ईंधन पर पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ेगा।

शहर पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) बढ़ोतरी
दिल्ली 102.12 रुपये 2.61 रुपये
कोलकाता 113.51 रुपये 2.87 रुपये
मुंबई 111.21 रुपये 2.72 रुपये
चेन्नई 107.77 रुपये 2.46 रुपये

डीजल की कीमतों में भी उछाल

पेट्रोल के साथ-साथ डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। परिवहन और माल ढुलाई में डीजल की महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण इसके महंगा होने का असर कई अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर दबाव बनने की संभावना जताई जा रही है।

शहर डीजल की कीमत (प्रति लीटर) बढ़ोतरी
दिल्ली 95.20 रुपये 2.71 रुपये
कोलकाता 99.82 रुपये 2.80 रुपये
मुंबई 97.83 रुपये 2.81 रुपये

महंगाई पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य सामग्री, कृषि उत्पाद, दूध, फल-सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। डीजल महंगा होने से किसानों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों की लागत भी बढ़ सकती है, जिसका असर अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ता है।

सरकार पर विपक्ष का हमला

ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कई चरणों में वृद्धि की गई है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है और महंगाई की समस्या और गंभीर हो सकती है।

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NEET-UG 2026 री-एग्जाम की तारीख घोषित, 21 जून को होगी परीक्षा https://crimenewsnation.com/neet-ug-2026-%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%96-%e0%a4%98%e0%a5%8b%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%a4-2/ Fri, 15 May 2026 08:07:02 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=71580

छात्रों की मेहनत से समझौता नहीं, NTA ने NEET री-एग्जाम पर दिया भरोसा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) को लेकर जारी विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी है। अब देशभर में यह परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। इससे पहले 3 मई को हुई परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद विवादों में घिर गई थी, जिसके चलते मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।

एनटीए ने जारी बयान में कहा कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून, रविवार को कराने का फैसला लिया गया है। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल एनटीए के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही जानकारी प्राप्त करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।

इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में शिक्षा मंत्रालय और एनटीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर चर्चा की। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस बार परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की पुनरावृत्ति न हो सके।

एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने भी भरोसा दिलाया कि छात्रों की मेहनत के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से ईमानदारी से तैयारी कर रहे लाखों छात्रों का नुकसान हुआ है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी छात्र या अभिभावक के पास पेपर लीक से जुड़ी कोई जानकारी है तो वे उसे ईमेल के जरिए साझा कर सकते हैं, उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

इधर, NEET विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 2026-27 सत्र के लिए NEET परीक्षा से छूट देने की मांग की है। उन्होंने राज्यों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिला देने की अनुमति देने की बात कही है।

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शुभेंदु अधिकारी बने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ https://crimenewsnation.com/suvendu-adhikari-becomes-west-bengals-new-chief-minister-governor-administers-oath/ Sat, 09 May 2026 08:04:53 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=71432

दिलीप घोष समेत पांच नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार का गठन हुआ। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

राज्यपाल आर. एन. रवि ने शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया। समारोह में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के पांच नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। हालांकि, मंत्रियों के विभागों का ऐलान अभी नहीं किया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह जीत राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। वहीं नई सरकार के सामने कानून-व्यवस्था, रोजगार, उद्योग और विकास जैसे मुद्दों पर बेहतर प्रदर्शन की चुनौती भी रहेगी।

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सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, कल होगा शपथ ग्रहण https://crimenewsnation.com/suvendu-adhikari-to-be-west-bengals-new-chief-minister-swearing-in-ceremony-to-take-place-tomorrow/ Fri, 08 May 2026 12:07:43 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=71411

अमित शाह की मौजूदगी में सुवेंदु अधिकारी के नाम पर लगी मुहर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस अहम बैठक में भाजपा विधायकों ने एकमत होकर उनके नाम का समर्थन किया। अब शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।

बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया। इसके बाद अमित शाह ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। शाह ने कहा कि विधायक दल की बैठक में कई प्रस्ताव आए, लेकिन अंततः सभी विधायक एक ही नाम पर सहमत दिखे और सर्वसम्मति से नेता का चयन किया गया।

मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा के आठ विधायकों ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा था। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब वह पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा ऐतिहासिक आयोजन के रूप में पेश करने की तैयारी में है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। समारोह में करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। तृणमूल शासन के दौरान मारे गए 200 से अधिक कार्यकर्ताओं के परिवारों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

बैठक से पहले अमित शाह ने कोलकाता स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद पार्टी नेताओं के साथ सरकार गठन तथा मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा की। बताया जा रहा है कि नई सरकार की प्राथमिकताओं और विभागों के बंटवारे पर भी मंथन हुआ।

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने भाजपा नेताओं के बंगाल नहीं आने के दावे किए थे, उन्हें जनता ने जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक के बाद नेतृत्व को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है।

इस विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई। 2021 के चुनाव में भाजपा को 77 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी ने ऐतिहासिक बढ़त बनाते हुए पहली बार बंगाल में सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है।

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उस्मान खान को सुप्रीम कोर्ट का झटका, विशेष अनुमति याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज https://crimenewsnation.com/supreme-court-blow-to-usman-khan-special-leave-petition-dismissed/ Fri, 08 May 2026 07:57:55 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=71393

उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाले उस्मान खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिल सकी। देश की सर्वोच्च अदालत ने उस्मान खान की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट का पूर्व आदेश फिलहाल प्रभावी बना रहेगा।

मामले की सुनवाई 5 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ में हुई, जिसमें जस्टिस संजय कुमार और के. विनोद चंद्रन शामिल थे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गगन गुप्ता समेत अन्य वकीलों ने अपना पक्ष रखा।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने का कोई उचित आधार नहीं बनता है। अदालत ने एसएलपी खारिज करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि मामले से जुड़े सभी लंबित आवेदन स्वतः समाप्त माने जाएंगे।

यह याचिका उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल द्वारा 27 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश के खिलाफ दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब हाईकोर्ट का आदेश लागू रहेगा और याचिकाकर्ता को कोई अंतरिम राहत नहीं मिल पाई है।

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पश्चिम बंगाल और असम में खिला भाजपा का कमल, पुडुचेरी में NDA ने मारी बाजी https://crimenewsnation.com/bjps-lotus-blooms-in-west-bengal-and-assam-nda-triumphs-in-puducherry/ Tue, 05 May 2026 06:13:32 +0000 https://crimenewsnation.com/?p=71289

तमिलनाडु में विजय का बड़ा राजनीतिक धमाका

पांच राज्यों के नतीजों ने बदली सियासी तस्वीर

नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने राष्ट्रीय राजनीति की तस्वीर बदल दी है। कई बड़े राजनीतिक समीकरण टूटे हैं और नए शक्ति संतुलन उभरकर सामने आए हैं। पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु और असम तक मतदाताओं ने चौंकाने वाले जनादेश दिए हैं, जिनका असर आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति पर साफ दिखाई देगा।

सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार सत्ता का रास्ता साफ कर लिया है। वहीं तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ने परंपरागत द्रविड़ राजनीति को चुनौती देते हुए सत्ता के करीब पहुंचकर सबको चौंका दिया। केरल में सत्ता परिवर्तन के संकेत मिले हैं, जबकि असम और पुडुचेरी में भाजपा गठबंधन ने अपनी पकड़ बरकरार रखी है।

बंगाल में सत्ता परिवर्तन, भाजपा का ऐतिहासिक प्रदर्शन
294 सीटों वाले पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 200 से अधिक सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। तृणमूल कांग्रेस, जो पिछले 15 वर्षों से सत्ता में थी, इस बार दो अंकों में सिमट गई।

राज्य के सीमावर्ती, आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में भाजपा को भारी समर्थन मिला, जबकि तृणमूल का प्रभाव कुछ इलाकों तक सीमित रह गया। चुनाव परिणामों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल भी उठाए हैं।

तमिलनाडु में विजय का बड़ा राजनीतिक धमाका
234 सीटों वाले तमिलनाडु में विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द्रविड़ राजनीति के दशकों पुराने समीकरण को तोड़ दिया। पार्टी बहुमत के करीब पहुंच गई है।

डीएमके और एआईएडीएमके जैसी स्थापित पार्टियां पीछे छूट गईं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सीट भी नहीं बचा सके। विजय की लोकप्रियता, नई राजनीतिक छवि और जनहित वादों ने उन्हें बड़ी बढ़त दिलाई है।

केरल में सत्ता परिवर्तन के संकेत
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने स्पष्ट बढ़त बनाई है। लंबे समय से मजबूत रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) को इस बार बड़ा झटका लगा है।

हालांकि सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को अपने सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के समर्थन की जरूरत होगी। इस परिणाम के साथ ही देश में वाम दलों का आखिरी मजबूत गढ़ भी कमजोर होता दिख रहा है।

असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत
असम में भाजपा ने सहयोगी दलों के साथ मिलकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में पार्टी ने विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर चुनाव जीता।

126 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा और उसके सहयोगियों ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा।

पुडुचेरी में NDA की सत्ता बरकरार
केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपना प्रदर्शन दोहराते हुए सत्ता पर पकड़ बनाए रखी है। एन. रंगासामी के नेतृत्व में गठबंधन को बहुमत मिला है।

राष्ट्रीय राजनीति पर असर
इन चुनाव नतीजों ने भाजपा की बढ़ती ताकत को फिर साबित किया है, वहीं क्षेत्रीय दलों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। कांग्रेस को कुछ राज्यों में राहत जरूर मिली है, लेकिन उसका प्रभाव अभी भी सीमित नजर आ रहा है।
वहीं, वाम दलों के लिए ये चुनाव बड़ा झटका साबित हुए हैं, क्योंकि उनका प्रभाव अब लगभग समाप्त होता दिख रहा है।

इन परिणामों ने साफ कर दिया है कि देश की राजनीति तेजी से बदल रही है और मतदाता अब पारंपरिक समीकरणों से हटकर नए विकल्पों को मौका देने के मूड में हैं।

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